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दो विभागो के फेर में एक साल से बिखरी कंकरीट

बिजयनगर मार्ग पर लाखों की लागत के बावजूद राहगीरों को कंकरीट से होकर गुजरना पड़ा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं नगर परिषद के बीच तालमेल के अभाव में पिछले एक साल से कंकरीट बिखर रही है। इसके बावजूद इसको दुरस्त करवाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि करीब एक साल पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस मार्ग पर डब्ल्यूबीएम करवाया था। अब सीसी सड़क का काम सीवरेज एजेंसी के भरोसे छोड दिया। इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। इससे इस मार्ग से जुड़ी कॉलोनी व सैकड़ों गांवों के लोगों को कंकरीट से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे हादसा होने की आशंका भी बनी रहती है। बिजयनगर रोड पर पानी भरे रहने की समस्या को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने करीब एक साल पहले डब्ल्यूबीएम का काम करवाया था। इस मार्ग पर सीवरेज की लाइन डाले जाने के चलते शेष काम नगर परिषद के भरोसे छोड दिया गया। ताकि सीवरेज निर्माण एजेंसी इसका निर्माण करवा सके। करीब एक साल से लोग इन कंकर से होकर गुजर रहे है। वाहनों की आवाजाही के साथ ही यह कंकर उछलते रहते है। इससे कंकर उछल कर किसी के चोटिल होने की संभावना भी बनी रहती है। इसके बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगर परिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए बढ़ी परेशानीबिजयनगर रोड पर पानी भरने की समस्या उत्पन्न हुई थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सेदरिया चौराहा से लेकर आगे तक डब्ल्यूबीएम का काम करवा दिया। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगर परिषद के अन्र्तगत काम करने वाली सीवरेज एजेंसी के बीच शेष काम सीवरेज एजेंसी की ओर से करवाए जाने को लेकर सहमति बनी। करीब एक साल बीत जाने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली गई है। मुख्य सड़क पर भरने लगा पानीसार्वजनिक निर्माण विभाग ने बिजयनगर मार्ग पर डब्ल्यूबीएम तो करवा दिया। इसके बाद इसकी किसी ने सुध नहीं ली। इसके चलते जगह-जगह गड्ढे हो गए है। इसमें पानी जमा रहता है। इससे राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर आबाद कॉलोनियों व आस-पास के गांवों को शहर से जोडऩे का मुख्य मार्ग होने से दिनोदिन समस्या बढ़ रही है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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