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ब्यावर में 8 महीने से हो रही 48 के स्थान पर 72 घंटे मेंे पेयजल सप्लाई

शहर के बढ़ते दायरे और पेयजल की खपत को देखते हुए जलदाय विभाग ब्यावर में 48 घंटे के अंतराल में पेयजल सप्लाई कर सुचारू व्यवस्था का ढोल पीटता हो मगर सच्चाई तो यह है कि यहां एक-दो नहीं बल्कि पिछले आठ महीने से 48 घंटे के स्थान पर 72 घंटे के अंतराल से पेयजल सप्लाई हो रही है। इसकी वजह है ब्यावर की लाइफलाइन समझे जाने वाले बीसलपुर बांध के जलस्तर में गिरावट आना। ब्यावर को करीब 24 एमएलडी की जरूरत होती है इसके स्थान पर फिलहाल 21 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। 

ब्यावर में पानी की किल्लत को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने बीसलपुर पेयजल योजना तैयार की थी। इस बांध के तैयार होने से अब तक यहीं से ब्यावर को पेयजल उपलब्ध होता रहा है। शहर के बढ़ते दायरे को ध्यान में रखते विभाग ने कई बार सरकार को यहां की जरूरत के मुताबिक पेयजल ज्यादा मात्रा में उपलब्ध कराने को कहा मगर कोई राहत नहीं मिली। 

बांध का जलस्तर कम होने पर बढ़ा अंतराल : बीसलपुर बांध का जलस्तर कम होने के साथ ही सरकार ने जलदाय विभाग को ब्यावर में 48 घंटे के स्थान पर 72 घंटे से सप्लाई के आदेश दिए। इस आदेश की पालना में विभाग सिंतबर 2018 से अब तक 48 की जगह 72 घंटे के अंतराल से सप्लाई कर रहा है। 

अंतराल बढ़ा तो कम हुई मांग : पेयजल सप्लाई अंतराल बढ़ाने से सरकार जो पानी शहर को उपलब्ध करा रही है उसे 32 जोन में सप्लाई करने के बजाय विभाग ने 72 घंटे के आधार पर 21 जोन में प्रतिदिन देना शुरू किया। इससे जहां सप्लाई हो रही है वहां पर्याप्त मात्रा में और उचित प्रेशर से सप्लाई होने लगी। जबकि यदि 48 घंटे के अंतराल में इसी पानी को 32 जोन में सप्लाई किया जाए तो गर्मी में पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। 

विभाग ने संभाली व्यवस्था : एईएन एसडी गहलोत ने बताया कि 48 घंटे के अंतराल पर पहले यदि सप्लाई होती है तो करीब 27 एमएलडी की जरूरत होती है। जबकि 72 घंटे के अंतराल में 21 जोन में ही सप्लाई करने पर 21 एमएलडी की जरूरत होती है। यही वजह है 72 घंटे के अंतराल में भी 21 जोन में सप्लाई होने से लोगों को पेयजल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ता। 

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