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समस्याअांे से जूझ रहा है सभापति का वार्ड

साफ सफाई से लेकर यातायात की गंभीर चुनौतियां। ज्यादातर नगर परिषद से जुड़ी हुई हैं। जगह जगह गंदगी के ढेर नजर आते हैं, नालियों में गंदगी अटी पड़ी हैं, नाले साफ नहीं होते, सुविधाओं का भारी अभाव, वेंडिंग और नोन वेंडिंग जोन स्पष्ट नहीं, लिहाजा ठेले वालों की अनुशासनहीनता यातायात व्यवस्था चौपट कर देती है। वार्डों में पानी की निकासी के प्रॉपर इंतजाम भी नहीं हैं, सड़कें ध्वस्त हैं। आदि आदि। हाल ही में नगर सरकार बनी है। जनता के नुमाइंदे पार्षद के रूप में चुनकर सत्ता संभाल चुके हैं। ये अपने वार्डों के प्रति कितने जागरूक हैं? समस्याओं के बारे में इन्हें पता भी है या नहीं? समाधान क्या हैं? इन्हीं सब सवालों को लेकर दैनिक भास्कर आज से शुरू कर रहा है-आपका वार्ड-आपका पार्षद कॉलम। राजेश शर्मा की रिपोर्ट।
नगर परिषद सीमा क्षेत्र में 45 से बढ़कर हुए 60 वार्डों में अब भी कुछ ऐसे क्षेत्र में जहां न तो सड़कें हैं और न ही नालियां। वार्ड नंबर एक की बात करें तो न तो यहां सफाई व्यवस्था सुचारू है और न ही सड़कें व नालियां। क्षेत्रवासियों ने नाली-सड़क निर्माण के लिए कई बार नगर परिषद प्रशासन से संपर्क साधा लेकिन इन समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका। परिषद द्वारा समय पर सफाई नहीं कराने की वजह से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। नृसिंहपुरा को अजमेर रोड से जोड़ने वाली मुख्य सड़क की हालत भी खराब है। यहां से गुजरने वालों को रोजाना मुश्किल भरा सफर तय कर मुख्य मार्ग तक आना पड़ता है।

वार्ड में शामिल क्षेत्र : अजमेर रोड, नारायण आश्रम, बर्फ फैक्ट्री, रीको बाइपास, ब्यावर खास को जाने वाले तिराहे से लाइन के सहारे, तोमर विहार कॉलोनी, काली माता कॉलोनी, मुंशी कॉलोनी, लेखा नगर, महेश नगर, नृसिंहपुरा, सुराणा नगर आदि।

इस चुनौती से कैसे निपटेंगे : स्वास्थ्य निरीक्षक हरीराम लखन के मुताबिक क्षेत्र में सफाई करने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी लगाए जाएंगे।

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