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हरेक ग्राम पंचायत में होंगें सीनियर सैकंडरी स्कूल

प्रदेश में अभी हाल में पुर्नगठन के बाद गठित नवीन ग्राम पंचायतों और शेष रही सभी ग्राम पंचातयों में भी जल्द ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भी खुलेंगें। ताकि इन पंचायतों के बच्चों को अपनी दसवीं तक की पढ़ाई के लिए अन्यत्र जाना नहीं पड़े और वह इत्मिनान से अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र के ही विद्यालय में अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई पूरी कर सके। शिक्षा विभाग ने इसका ताना बना बुनना शुरू कर दिया है।शिक्षा विभाग ने राज्यभर के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों (माध्यमिक) से नवीन गठित पचंायत समितियों और ग्राम पंचायतों के गठन के बाद राज्य में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विहीन ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मांगें है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विहिन ग्राम पंचायतों में राजकीय विद्यालयों की क्रमोन्नति के लिए पूर्व में भी जिला शिक्षा अधिकारियों से मिले प्रस्ताव के आधार पर समेकित प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे गए। सरकार ने अभी हाल ही में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन कर दिया। ऐसे में अब नवगठित ग्राम पंचायतों को भी शामिल करते हुए हरेक जिले से संबंधित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विहिन ग्राम पंचायतों की सूचना मांगी है।राज्य सरकार ने राज्य की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विहिन ग्राम पंचायतों में एक-एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी जिसकी अब शिक्षा विभाग ने क्रियांविती शुरू की है।देनी होगी सूचना :जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विहिन ग्राम पंचायतों की सूचना इन बिन्दूओं का जिक्र करना होगा।1. यदि नवीन गठन के कारण परिवर्तन हुआ है तो नवीन गठित ग्राम पंचायत का उल्लेख करना होगा। 2. नवीन गठित ग्राम पंचायतों में उच्चतम विद्यालय या ग्राम पंचायत मुख्यालय के उच्चतम विद्यालय की जानकारी भी देनी होगी।3. यदि पंचायत समिति परिवर्तित हुई है तो उसके अनुरूप परिवर्तन का उल्लेख करना होगा।4. यदि किसी ग्राम पंचायत पर उच्चतम स्तर का संस्कृत विद्यालय संचालित है तो उसका उल्लेख करते हुए सामान्य शिक्षा के उच्चतम स्तर के विद्यालय की भी जानकारी देनी होगी।

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