Beawar News

कागजों में काम कर रहे डॉक्टर

ब्यावर| कहनेको ब्यावर का राजकीय अमृतकौर अस्पताल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल है। आउटडोर के मामलों में भी ब्यावर कई जिलों के अस्पतालों को पीछे छोड़ता है, लेकिन अस्पताल डॉक्टरों और नर्सिंगकर्मियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सीनियर सिटीजन के लिए अलग से व्यवस्थाएं शुरू करने के आदेश को लेकर अस्पताल प्रबंधन पसोपेश में है। पीएमओ डॉ. एमके जैन से इस संबंध में बात की तो उन्होंने सीनियर सिटीजन और पेंशनर्स के लिए आउटडोर स्लिप का अलग से काउंटर जल्द शुरू करवाने की बात तो कही, लेकिन मेडिकल आउटडोर अलग से करने और एक डॉक्टर को अलग से बिठाने पर असमर्थता जता दी। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते ये संभव नहीं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सोनोग्राफी में डॉ. हितेश को लगाया गया लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया। इसके साथ ही गत दिनों ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट डॉ. विजय प्रकाश यादव को डेपुटेशन पर जयपुर लगा कर वहां प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया। इसके साथ ही ऑर्थोपेडिक डिप्लोमाधारी डॉ. विनोद शर्मा और डॉ. राकेश बिराणिया एकेएच में लंबे समय से नहीं रहे हैं। वहीं एक डॉक्टर की तो लंबे अर्से से सैलेरी ब्यावर से उठ रही है लेकिन वो जयपुर में ही डेपुटेशन पर कार्यरत है। पहले ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे राजकीय अमृतकौर अस्पताल से डॉ. संजय शर्मा को भी हाल ही में एकेएच से हटा कर टीबी क्लिनिक में लगा दिया गया।

डगमगाईव्यवस्थाएं : गौरतलबहै कि एकेएच में मेडिकल विभाग में हाल में डॉ. संजय शर्मा को तीसरी यूनिट दी गई थी, लेकिन उन्हें टीबी क्लिनिक में लगा देने से मेडिकल वार्ड में फिर से व्यवस्थाएं डगमगा गई। स्थिति ये है कि मेडिकल वार्ड में कॉल ड्यूटी की भी समस्या रही है।

News Source

Related posts

हृदय रोग विशेषज्ञ कल ब्यावर में

Beawar Plus

कोड़ामार होली देखने मुख्य बाजार में उमड़ी भीड़

Beawar Plus

वर्द्धमान गर्ल्स कॉलेज में नए सभागार का उद्धाटन

Beawar Plus