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नेजों की कतार के साथ गूंजी तेजाजी की जय-जयकार

प्रदेशभर में प्रसिद्ध तीन दिवसीय तेजा मेला बुधवार को परवान चढ़ा। तेजाजी के थान पर मंगलवार को रात भर तेजा (तेजाजी से जुड़ी कथा) गाने के बाद सुबह श्रद्धालुओं ने आस्था रूपी नेजा (पताका) चढ़ाकर मंगल की कामना की। तेजाजी के थान से लगी नेजो की कतार तेजाजी की जय-जयकार के साथ मुख्य बाजार में चांगगेट तक नजर आ रही थी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्र में समेत प्रदेश के अन्य जिलों से नेजा चढ़ाने वाले नाचते-गाते ज्योत के साथ थान पर पहुंच रहे थे। परिषद की ओर से थान पर झंडे चढ़ाने वालों को नारियल रस्म भी अदा की गई।

पांच जिलों से पहुंचते हैं झंडे : तेजा चौक स्थित थान पर मंगलवार रात को जागरण हुआ। इसमें शहरी व ग्रामीणों ने श्री वीर तेजाजी महाराज के जीवन पर आधारित तेजाजी की कथा ठेठ देहाती भाषा में ‘तेजा’ गाकर प्रस्तुत की। विजय धौलिया ने बताया कि तेजाजी के थान पर आस-पास के ग्रामीणों की ओर से जो जागरण किया जाता है। उसमें तेजा के जरिए ही वे रातभर लोकदेवता श्री वीर तेजाजी की कथा प्रस्तुत करते हैं, जो करीब सुबह 4 बजे तक चलती है। रात भर ‘तेजा’ गाने के बाद ही सुबह ‘नेजा ’ चढ़ाने का दौर शुरू होता है। थान पर अजमेर, पाली, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, नागौर समेत सूरत और अहमदाबाद से भी झंडे पहुंचते हैं। पाली उम्मेद मिल से लेकर प्रदेश की अधिकांश मिलों से भी झंडा चढ़ने आता है। जबकि शहरवासियों की ओर से बुधवार तड़के से ही दूध-चूरमा और नारियल चढ़ाने के लिए कतार लग जाती है, जो शाम तक रहती है।

आज शाम तक पुरुषों का प्रवेश वर्जित : तेजा मेले के तीसरे दिन गुरुवार शाम 7 बजे तक मेला महिलाओं के नाम रहेगा। इस दौरान पुरूषों का मेलास्थल में प्रवेश वर्जित होगा। मेलास्थल में व्यापारी, सुरक्षा व मेले संबंधी व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के अलावा अन्य को इस अवधि में मेलास्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। महिलाओं के मेले को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। इसके लिए महिला पुलिसकर्मी भी पर्याप्त संख्या में तैनात रहेंगी। संध्या के बाद पुरूषों को मेलास्थल में प्रवेश की अनुमति होगी।

मेले में आज : शाम 5 बजे – जलझूलनी एकादशी (रेवाड़ी स्वागत), शाम 7 बजे – तालाब की पाल पर जल झूलनी महाआरती। शाम 7.30 बजे – सांस्कृतिक कार्यक्रम ।

लोकनृत्य प्रतियोगिता में कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

लोकदेवता तेजाजी महाराज के मेले में बुधवार दोपहर तीन बजे पार्षद संपति बोहरा की अध्यक्षता में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ग्रामीण कलाकारों ने जोश और उमंग के साथ मंच पर अपनी लोकनृत्य की छाप छोड़ी तो दूसरी ओर किन्नर समुदाय की टीम ने भी इसमें भाग लिया।

बड़ी हवेली की किन्नर टीम में किरण बाई के नेतृत्व में डिम्पल आदि ने फिल्मी व राजस्थानी गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इस बीच लोकनृत्य प्रतियोगिता में नूंद्री मालदेव से बालू सिंह, गौरी, निशा तुनगारिया, मोनिका, घीसासिंह, अनिता कुर्डिया सहित अन्य ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर लोकनृत्य को परवान चढ़ाया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अनिता कुर्डिया, द्वितीय स्थान पर निशा तुनगारिया और तृतीय स्थान पर बालू सिंह रहे। जबकि नगर परिषद प्रशासन की ओर से बड़ी हवेली टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मेला संयोजक नरेश कनौजिया, उपसभापति सुनील कुमार मूंदड़ा, पार्षद मंगत सिंह मोनू, रविंद्र जॉय, विनोद खाटवा, मोती सिंह सांखला, कैलाश गहलोत, विजेंद्र प्रजापति, नरपत सिंह रावत, ज्ञानदेव झंवर सहित अन्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन विजेंद्र प्रजापति ने किया।

कबड्डी में लसाड़िया और वॉलीबॉल में श्रीराम क्लब टीम ने मारी बाजी

ब्यावर. तेजा मेला में बुधवार को कबड्डी और बॉलीवॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल और फाइनल मैच हुए। इनमें कबड्डी में लसाड़िया ने और बॉलीवॉल में श्रीराम क्लब ने बाजी मारी। अतिक्रमण शाखा के रतनसिंह पंवार के निर्देशन में शुरू हुई खेलकूद प्रतियोगिता के अवसर पर सभापति शशिबाला सोलंकी, उपसभापति सुनील कुमार मूंदड़ा, मेला संयोजक नरेश कनौजिया, पार्षद विजेंद्र प्रजापति, बाबूलाल पंवार, देवेंद्र सेन, राहुल चतुर्वेदी, सुभाष राठी, ज्ञानदेव झंवर सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद थे। पंवार ने बताया कि कबड्डी प्रतियोगिता में मंगलवार को 34 टीमों ने भाग लिया। इनमें से लसाड़िया, दुजोड़िया, सरमालिया और मांडेड़ा सेमीफाइनल में पहुंची। जिनके बीच मुकाबला बुधवार को मुकाबला हुआ। इसमें लसाड़िया टीम प्रथम और सरमालिया टीम द्वितीय स्थान पर रही। इसी प्रकार बॉलीवॉल प्रतियोगिता में कुल 13 टीमों ने भाग लिया था। जिनमें श्रीराम क्लब, तेजा क्लब, आरएसईबी और देलवाड़ा की टीमें सेमीफाइनल में पहुंची। इनमें से मंगलवार शाम हुए सेमीफाइनल में जीत हासिल कर श्रीराम क्लब ने फाइनल में जगह बनाई थी। बुधवार को उसका मुकाबला देलवाड़ा टीम के साथ हुआ। जिसमें वह अव्वल रही।

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